लोक समाज पार्टी द्वारा यह बताया गया की भारतीय लोकतन्त्र को सफल बनाने के लिए एमपी/ एमएलए का चुनाव सरकारी फंड से कराया जाना चाहिए।

लोक समाज पार्टी  द्वारा यह बताया गया की भारतीय लोकतन्त्र को सफल बनाने के लिए एमपी/ एमएलए का चुनाव सरकारी फंड से कराया जाना चाहिए।

KTG समाचार नरेंद्र कुमार विश्वकर्मा सुलतानपुर उत्तर प्रदेश। 

दिल्ली-  भारतीय लोकतन्त्र को सफल बनाने के लिए एमपी/ एमएलए का चुनाव सरकारी फंड से कराया जाना चाहिए, अगर देखा जाए तो भ्रस्टाचार रोकने का यह एक अहम कदम होगा। दोस्तों के काफी समय तक भारत में चुनाव जनता के चंदे से लड़े जाते रहे। लेकिन समय बदलने के साथ साथ चुनाव अब जनता के चंदे से न लड़ कर कॉरपोरेट घराने के पैसे से लड़े जाने लगे जिससे लोकतंत्र कॉरपोरेट घरानों की इशारे से परिभाषित क्रिया जाने लगा। परिणम भारतीय लोकतंत्र का चुनाव को पैसे वाले के लिए ही सुरक्षित कर दिया गया है। वैसे तो किताबी कानून के हिसाब से देश का हर कोई नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार है।

चुनाव सुधार के लिए कई समितियां बनी लेकिन जस्टिस वी एम तारकुंडे समिति का रिपोर्ट अहम है। यह समिति जनता पार्टी की सरकार ने बनाया था जो अपनी रिपोर्ट यह खुलासा किया है कि भारतीय चुनाव उसी प्रकार चल रहा है जैसे ब्रिटिश हुकूमत के दौरान प्रविंशियल चुनाव कुछ खास लोगों के लिए सुरक्षित किया गया था। इसलिए सबके लिए हो यह जरुरी है कि एमपी एमएलए के चुनाव सरकारी फंड से कराया जाना चाहिए। यही बात लोक समाज पार्टी अपने विजन में निर्वाचन आयोग में पंजीकृत कराया है कि एमपी एमएलए के चुनाव सरकारी फंड कराई जाएगी। 2014 के चुनाव के समय बीजेपी ने यह वादा किया था कि वह चुनाव सुधार करेगी खास कर कि संसद को पवित्र बनाएगी लेकिन 7 साल से ज्यादा का समय बीत गया फिर भी चुनाव सुधार में कोई प्रयास नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार के तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली जी चुनावी बॉन्ड लाया जिसमे यह कहा गया है कोई भी व्यक्ति 1000 से लेकर करोड़ों रूपये तक किसी राजनीतिक दल को दे सकती है लेकिन उसका नाम उजागर नहीं होगा। सही में देखा जाए तो चुनावी बॉन्ड खुद काले धन वालो की गंगोत्री है। जब भी चुनाव होने को होते हैं तब सरकारी एजेंसियां अपना छापा मारने का क्रम जारी इसलिए रखती है कि चुनाव में काला धन तो नहीं लग रहा है।

     अभी हाल में ही कानपुर में इत्र व्यापारियों के यहां छापा मारा गया जिसमे अकूत काला धन मिला,8 नवंबर 2016 को 8 बजे रात को इसी प्रधानमंत्री ने अचानक देश की 80 प्रतिशत नकदी को विमुदीकरण का एलान लिया गया था। नोट बंदी को काले धन के खिलाफ यज्ञ की संज्ञा दी गईं थी जो आम लोगों के आर्थिक तबाही का सर्वनाम बन गया था। जब कानपुर के एक घर से इतनी नकदी मिलती है सरकार को अपनी विफलताओं की विरासत के साथ नाम बदलने में माहिर सरकार क्या अब कानपुर का नम नकदाबाद या नकदपुरिया रखेगी?

      सही मायने मे मोदी सरकार चुनावी बॉन्ड के माध्यम से लोकतंत्र के पर्व को कले धनतंत्र में तब्दील कर चुकी है। अतः सभी लोकतंत्र प्रेमियों से अपील कि जाती हैं कि विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की चमक को बनाए रखने के आप लोग लोक समाज पार्टी के साथ जुडे क्योंकि लोक समाज पार्टी अपने विजन के अनुसार एमपी एमएलए के चुनाव को सरकारी फंड से कराएगी। अतः लोक समाज पार्टी की वेबसाइट लॉग ऑन करके निःशुल्क सदस्यता लीजिए। धन्यवाद।

गौरी शंकर शर्मा (एडवोकेट)

राष्ट्रीय अध्यक्ष लोक समाज पार्टी

मोबाइल 9911240170

व्हाटअप 8920651540

वेबसाईट

www.loksamajparty.com