शिवपुरी: सहरिया क्रांति नूतन बर्ष अभिनंदन कार्यक्रम में गीतों के माध्यम से आदिवासी महिलाओं ने किया व्यवस्था पर प्रहार व कई संकल्प लिए: रिंकू पंडित KTG समाचार एमपी

सहरिया क्रांति नूतन बर्ष अभिनंदन कार्यक्रम में गीतों के माध्यम से आदिवासी महिलाओं ने किया व्यवस्था पर प्रहार  नया जमाना लाने बर्ष भर चलायेगी सहरिया क्रांति अभियान बोल के माध्यम से रखे अपने विचार= "नाजन से भर दए गोदाम फिर भी मेरा बेटा भूंका ही सोए मेरे राम".......

शिवपुरी . सहरिया क्रान्ति के बोल कुछ इस प्रकार थे=

गेंहूं हमने काटे ,

धान हमने रोपीं ,

अनाजन से भर दये गोदाम 

 फिर भी मेरो बेटा भूखो ही सोयो मेरे राम .....
ये पंक्तियाँ नूतन बर्ष स्वागत समारोह में सहरिया क्रांति कि गुन्जाबाई के द्वारा गीत का बीच की हैं जिसमे  भ्रष्ट व्यवस्था पर इस गीत के माध्यम से दमदार प्रहार किया . आजादी के लम्बे समय बाद भी सहरिया आदिवासी समाज सरकारी भ्रष्टाचार के कारण फटेहाल जिंदगी जीने को विवश है . सहरिया आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति का गीतों के माध्यम से बखान करते हुए सहरिया क्रांति के सेंकडों सहरिया आदिवासियों ने नवबर्ष का स्वागत उत्साहपूर्ण माहोल में किया .संजय बेचैन के निवास पर सुबह से शाम तक हजारों आदिवासी महिला पुरुष शुभकामनाओं के साथ पहुंचे . सभी लोग नवबर्ष पर नव संकल्प लेकर अपने-अपने गांवों की ओर रवाना हुए .
नूतन बर्ष अभिनंदन समारोह पर सहरिया क्रांति महा पंचायत का भी आयोजन किया गया जिसके प्रारम्भ में सहरिया क्रांति के राष्ट्रीय संयोजक संजय बेचैन ने सभी का अभिनन्दन किया तत्पश्चात उपस्थित सहरिया क्रांति परिवार के सदस्यों को संबोधित करते हुए संजय बेचैन ने कहा कि सहरिया क्रांति ने सहरिया जनजाति के उत्थान हेतु पिछले एक दशक में वो सामाजिक परिवर्तन लाया है जो हजारों एनजीओ व कई सरकारें नहीं ला सकीं . आज सहरिया समाज का हर व्यक्ति स्वयं को व्यसन मुक्त कर विकास कि मुख्य धारा में जुडकर गर्वित हो रहा है . उन्होंने कहा कि सहरिया अंचल में शोषण दमन ख़त्म हो रहा है आदिवासी युवा युवतियां  अब अपने हक अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं . और यह महा अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक सहरिया जनजाति शोषण दमन के कुचक्र से पूरी तरह बाहर नहीं आ जाती है .
महा पंचायत में अपने विचार रखते हुए सहरिया क्रांति के विजय आदिवासी ने कहा कि सहरिया क्रांति के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को न्याय मिल सके हमारा यह प्रयास रहता है , शोषण दमन का जमाना अब खत्म होकर रहेगा , किसी को भी सहरिया आदिवासियों के हक अधिकार पर डाका नहीं डालने दिया जाएगा.
ओतार भाई सहरिया ने कहा कि हमे अपने बच्चों को शिक्षित करना है जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें व रोजगार प्राप्त कर सकें हमे शिक्षा की अलख जगाये रखनी होगी .
कल्याण आदिवासी ने सभी से शोषण दमन के विरुद्ध एकजुट होकर आंदोलित रहने कि अपील की 
महा पंचायत में संजू आदिवासी , बबलू आदिवासी , परमाल आदिवासी , मोहरसिंह आदिवासी , रत्ती आदिवासी , ऊधम आदिवासी , सखी आदिवासी , देवीलाल आदिवासी , सीता आदिवासी ने समाज सुधारक विचार रखे जिनका सभी ने करतल ध्वनी से स्वागत किया 
 
नवबर्ष पर आयोजित महा पंचायत में सहरिया क्रांति ने लिए से संकल्प=

 
1 दबंग बाहुबलियों द्वारा कब्जाई आदिवासी भाइयों कि सभी जमीने मुक्त कराने पूरे बर्ष अभियान चलेगा 
2 साहूकारी कर्ज जाल में फंसकर बंधुआ मजदूरी करने को विवश सहरिया परिवारों का पता लगाकर उन्हें बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराने अभियान चलेगा .
3 राशनकार्ड गिरवी रख आदिवासियों के हिस्से का राशन हडपने वाले दबंगों के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा 
4 आबकारी विभाग व पुलिस थानों की  मिलीभगत से गाँवों में संचालित अवैध शराब व जहरीली शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगवाने गाँव गाँव में प्रदर्शन 
5 शिक्षा  की अलख जगाने गाँव गाँव जायेंगे सहरिया क्रांति से जुड़े युवा