उन्नत एसबीआरटी, वर्सा एचडी और मुंबई के पहले और एकमात्र साइबरनाइफ प्लेटफॉर्म की मदद से सिर्फ पांच सत्रों में सटीक कैंसर उपचार
सर्जरी और अस्पताल में भर्ती हुए बिना एचसीजी कैंसर अस्पताल में 125 से अधिक मरीजों ने प्रोस्टेट कैंसर पर पाई मात
संवाददाता - गौरव विश्वकर्मा
उन्नत एसबीआरटी, वर्सा एचडी और मुंबई के पहले और एकमात्र साइबरनाइफ प्लेटफॉर्म की मदद से सिर्फ पांच सत्रों में सटीक कैंसर उपचार
मुंबई : प्रोस्टेट कैंसर का इलाज कराने वाले मरीजों के लिए सर्जरी करवाना या लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना अनिवार्य नहीं है, यह मुंबई स्थित एचसीजी कैंसर अस्पताल ने सिद्ध कर दिया है। इस अस्पताल ने 125 से अधिक प्रोस्टेट कैंसर मरीजों को वर्सा एचडी प्रणाली के माध्यम से एसबीआरटी रेडिएशन उपचार पद्धति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों ने चुनिंदा मरीजों पर सायबरनाइफ नामक रोबोटिक उपकरण द्वारा रेडिएशन उपचार भी सफलतापूर्वक पूरा किया है। विभिन्न चरणों के प्रोस्टेट कैंसर मरीजों को यह अत्याधुनिक उपचार दिया गया। यह तकनीक सर्जरी का एक प्रभावी विकल्प प्रदान करते हुए एक सफल और असरदार उपचारपद्धति उपलब्ध कराती है। मरीज की उम्र, स्वास्थ्य, बीमारी की गंभीरता और उपचार की आवश्यकता जैसे विभिन्न कारकों पर विचार-विमर्श करने के बाद ही डॉक्टर उपचार पद्धती का अंतिम निर्मय लेते हैं।
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की वैश्विक कैंसर रिपोर्ट ग्लोबोकैन 2022 के अनुसार, भारत में वर्ष 2022 में प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित 37,948 नए मरीजों की पुष्टी हुई थी। यह संख्या 2045 तक प्रतिवर्ष बढ़कर लगभग 82,252 तक पहुंचने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए, देश में प्रोस्टेट कैंसर पर मात पाने के लिए उपलब्ध उपचार विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
एसबीआरटी एक अत्याधुनिक तकनीक है, जो आसपास के स्वस्थ अंगों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे ट्युमर को लक्षित करती है। उपयुक्त मरीजों के लिए यह उपचार प्रक्रिया केवल 5 सत्रों में पूरी हो जाती है। इस पद्धति में पारंपरिक सर्जरी की तरह कोई चीर-फाड़ नहीं होती और न ही प्रोस्टेट ग्रंथि को हटाने की आवश्यकता पड़ती है। यह उपचार बाह्य रोगी विभाग ओपीडी के आधार पर उपलब्ध होने के कारण मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती। मरीज प्रत्येक सत्र पूरा करने के बाद तुरंत अपने घर जा सकते हैं।
प्रोस्टेट कैंसर के सटीक इलाज में सायबरनाइफ प्रणाली बेहद प्रभावी साबित होती है। मुंबई में यह प्रणाली केवल कुलाबा स्थित एचसीजी कैंसर अस्पताल में ही उपलब्ध है। सायबरनाइफ तकनीक उपलब्ध कराने वाला एचसीजी कैंसर अस्पताल मुंबई का एकमात्र केंद्र है। यह प्रणाली रोबोटिक सटीकता और उन्नत इमेज गाइडेंस तकनीक का बेहतरीने मेल है। उपचार के दौरान उच्च सटीकता बनाए रखने तथा शरीर के आंतरिक अंगो की हलचल पर निगरानी रखने के लिए यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी है।
मुंबई स्थित एचसीजी कैंसर अस्पताल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख और वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. त्रिणंजन बासू ने कहा, “अनेक मरीजों का मानना होता है कि प्रोस्टेट कैंसर के लिए सर्जरी ही एकमात्र उपचार विकल्प है। परंतु हर बार ऐसा नहीं होता। उपयुक्त रूप से चुने गए मरीजों के लिए एसबीआरटी जैसी उन्नत रेडिएशन तकनीक की मदद से बिना किसी चीर-फाड़, सर्जरी या लंबे समय तक अस्पताल में रहे बिना भी सफल इलाज किया जा सकता है।“
उन्होंने आगे कहा, “प्रत्येक मरीज की शारिरीक स्थिती भिन्न होती है। उपचार की सिफारिश करने से पूर्व हम मरीज की आयु, कैंसर का चरण, जोखिम श्रेणी, उनका समग्र स्वास्थ्य और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर विचार करते हैं। इस उपचार पद्धति में एडवांस्ड इमेज गाइडेंस और वर्सा एचडी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है, जिससे मूत्राशय और मलाशय जैसे निकटतम अंगो की सुरक्षा करते हुए सीधे कैंसर ट्युमर पर सटीक रेडिएशन दिया जाता है। यह उपचार उपयुक्त मरीजों के लिए केवल 5 सत्रों में पूरा हो जाता है। यह तकनीक विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और सर्जरी के लिए अयोग्य मरीजों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होती है। मुंबई के एचसीजी कैंसर अस्पताल ने मध्यम-जोखिम, उच्च-जोखिम और कुछ चुनिंदा मेटास्टैटिक श्रेणी के प्रोस्टेट कैंसर मरीजों का सफल इलाज किया है। इनमें से अधिकांश मरीज 60 से 75 वर्ष आयु वर्ग के थे, जबकि लगभग 20 मरीज 75 से 85 वर्ष की आयु के थे।“
हेल्थकेअर ग्लोबल एंटरप्राइजेज लिमिटेड महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीओओ) श्री. रुपेश चौबे ने कहा, “35 से अधिक वर्षों के अनुभव और भारत के सबसे बड़े समर्पित कैंसर अस्पताल नेटवर्क के साथ एचसीजी मुंबई ने हमेशा उन्नत कैंसर देखभाल को सुलभ बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। एचसीजी मुंबई में वर्सा एचडी और मुंबई की पहली व एकमात्र सायबरनाइफ जैसी अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है। इस तकनीक को ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट और रेडिएशन थेरपिस्ट की एक बहुविषय टीम का मार्गदर्शन प्राप्त है। केवल तकनीक ही सब कुछ नहीं होती; बेहतर परिणामों के लिए नैदानिक अनुभव, सटीक उपचार योजना और सही मरीज का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है। हमारा मुख्य उद्देश्य प्रत्येक मरीज को व्यक्तिगत और उच्च गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल प्रदान करना है।“
एससीजी कैंसर हॉस्पिटल, मुंबई के क्लस्टर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीओओ) श्री. अविक चौहान ने कहा, “अत्याधुनिक रेडिएशन थेरेपी के माध्यम से 125 से अधिक प्रोस्टेट कैंसर मरीजों का सफल इलाज करना एचसीजी मुंबई के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता मरीजों को कम कष्टदायक और सुविधाजनक उपचार विकल्प प्रदान करने की हमारी क्षमता को दर्शाती है। अनुभवी ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों तथा वर्सा एचडी और साइबरनाइफ जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म्स के साथ हम तकनीक और चिकित्सीय अनुभव का संयोजन करने मरीज को सही उपचार प्रदान करते हैं। मरीजों का अनुभव, उनकी सुविधा और उपचार सटीकता को निरंतर बढ़ाने के लिए हमारा अस्पताल प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।“
उपचार के बाद अपने अनुभव को साझा करते हुए एक मरीज ने बताया,“ जब मुझे प्रोस्टेट कैंसर का पता चला, तो मरी पहली चिंता यही थी कि मुझे सर्जरी करानी पड़ेगी और लंबे समय तक अस्पताल में रहना होगा। मैं उपचार और अपने परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित था। लेकिन एचसीजी के डॉक्टरों ने मुझे बिना सर्जरी वाले उपचार विकल्पों के बारे में समझाया। मैं अपने रेडिएशन सत्रों को आसानी से पूरा कर सका और हर सेशन के बाद घर लौट सका। डॉक्टरों और कर्मचारियों के सहयोग ने पूरे इलाज के दौरान मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा, जिसके लिए मैं उनका सदैव आभारी रहूंगा।“
कैंसर निदान के अनुभव को साझा करते हुए दुसरे मरीज ने कहा, “कैंसर का पता चलते ही मुझे लगा जैसे मेरी जिंदगी अचानक रूक गई हो। मुझे दर्द, सर्जरी और परिवार पर निर्भर होने का डर सता रहा था। लेकिन जब डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि मेरा इलाज बिना किसी ऑपरेशन और बिना अस्पताल में भर्ती हुए संभव है, तो मेरे मन में फिर से आशा की किरण जगी। यह उपचार प्रक्रिया मेरी कल्पना से कहीं अधिक आरामदायक और सहज थी। मेडिकल टीम ने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया और मेरी सभी शंकाओं का समाधान किया। उनके आत्मीय व्यवहार ने मुझे मरीज के बजाय परिवार के सदस्य जैसा महसूस कराया।“
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के माध्यम से एचसीजी कैंसर अस्पताल मुंबई इस बात के प्रति जागरूकता बढ़ाना चाहता है कि प्रोस्टेट कैंसर के लिए केवल सर्जरी ही एकमात्र उपाय नहीं है। मरीजों को अपनी व्यक्तिगत स्थिती के अनुसार सर्जरी, रेडिएशन, हार्मोन थेरपी या इनके संयोजन में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनने के लिए एक योग्य ऑन्कोलॉजी टीम से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
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