स्वरोजगार में गुजरात का दबदबा
KTG समाचार, भवेंन्दु त्रिवेदी, सूरत, गुजरात.
गुजरात की उद्यमशील पहचान को केंद्र सरकार की एक ताजा रिपोर्ट ने एक बार फिर मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ‘लेबर मार्केट डायनेमिक्स इन मिलियन-प्लस सिटीज’ रिपोर्ट के अनुसार राज्य के तीन प्रमुख शहर—राजकोट, सूरत और अहमदाबाद—स्वरोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में शामिल हैं।
देशभर के 10 लाख से अधिक आबादी वाले 46 शहरों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में राजकोट ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। शहर में 50.4 प्रतिशत लोगों ने स्वयं को स्वरोजगार से जुड़ा बताया है। यानी राजकोट में हर दो व्यक्तियों में से लगभग एक व्यक्ति अपना व्यवसाय, कारोबार या स्वतंत्र रोजगार करता है।
राजकोट के बाद सूरत 42.4 प्रतिशत और अहमदाबाद 41.4 प्रतिशत स्वरोजगार दर के साथ राज्य में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं। इन तीनों शहरों का प्रदर्शन 46 बड़े शहरों के राष्ट्रीय औसत 35.1 प्रतिशत से काफी बेहतर है। रिपोर्ट के अनुसार पूरे शहरी भारत में स्वरोजगार की औसत दर 40.4 प्रतिशत है। इसके बावजूद राजकोट, सूरत और अहमदाबाद ने इससे भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए गुजरात की व्यापार एवं उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) का व्यापक नेटवर्क, पारिवारिक व्यापार संस्कृति तथा बढ़ती स्टार्टअप गतिविधियां स्वरोजगार को लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं। यही कारण है कि गुजरात के शहर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों के क्षेत्र में देश में अलग पहचान रखते हैं।
गुजरात क्यों आगे?
✓ मजबूत व्यापारिक एवं उद्यमशील संस्कृति
✓ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का व्यापक नेटवर्क
✓ स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए अनुकूल माहौल
✓ पारिवारिक व्यवसायों की मजबूत परंपरा
✓ विनिर्माण, टेक्सटाइल, हीरा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में व्यापक अवसर
इस खबर को शेयर करें
0 अपनी राय दें (Comments)
अभी तक कोई कमेंट नहीं है। सबसे पहले अपनी राय दें!