घर-घर से कबाड़ जुटाने वाले पिता का बेटा बना डॉक्टर, संघर्ष की मिसाल बने सागर रेगर
कोटा।
कोटा जिले के कैथून क्षेत्र के गोदल्याहेड़ी गांव निवासी सागर रेगर ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर NEET 2026 में शानदार सफलता हासिल की है। सागर ने 564 अंक प्राप्त करते हुए 98.6296 परसेंटाइल, ऑल इंडिया रैंक 27,157 तथा SC कैटेगरी AIR 684 प्राप्त की।
सागर के पिता घर-घर जाकर कबाड़ एकत्रित कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने सागर की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। परिवार के एक सदस्य की कैंसर से हुई मृत्यु और आर्थिक तंगी ने सागर को डॉक्टर बनने की प्रेरणा दी।
एलन शिक्षा संबल योजना के तहत मिली निःशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा ने भी सागर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सागर का कहना है कि उनका सपना केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा और नशामुक्ति का संदेश फैलाना भी है।
सागर रेगर की यह उपलब्धि आर्थिक अभावों से जूझ रहे हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है। क्षेत्र के लोगों ने सागर और उनके परिवार को इस शानदार सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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