FUEL को 13वें नेशनल CSR एवं ESG समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में किया गया सम्मानित
FUEL को 13वें नेशनल CSR एवं ESG समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में किया गया सम्मानित
यह सम्मान FUEL के कॉर्पोरेट-अनुदान एवं कॉर्पोरेट-नामित शिक्षा संस्थानों के अभिनव मॉडल की पुष्टि करता है
संवाददाता - दिनेश विश्वकर्मा (8898404224)
नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026: युवाओं के कौशल विकास, छात्रवृत्ति और करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में कार्यरत पुणे स्थित सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट फ्रेंड्स यूनियन फॉर एनर्जाइजिंग लाइव्स (FUEL) को 13वें नेशनल CSR एवं ESG समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में सम्मानित किया गया। CSR Times द्वारा आयोजित इस समिट का विषय था – "समावेशी भारत के लिए जिम्मेदार व्यवसायों की भूमिका"।
इस समिट में भारत के अग्रणी जिम्मेदार व्यवसायों, नीति-निर्माताओं और विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा इस बात पर विचार-विमर्श किया कि किस प्रकार कॉर्पोरेट भारत समावेशी, प्रभावशाली और दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन का नेतृत्व कर सकता है। FUEL की ओर से यह सम्मान डॉ. प्राची अहिराव, विभागाध्यक्ष एवं प्रबंधन संकाय, तथा सुश्री सोनाली घोंगड़े, वित्त अधिकारी ने प्राप्त किया।
यह सम्मान FUEL की 19 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर मिला है। वर्ष 2007 में एक करियर काउंसलिंग संगठन के रूप में शुरू हुई FUEL अब महाराष्ट्र अधिनियम संख्या 23, वर्ष 2026 के तहत स्थापित FUEL स्किलटेक एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित हो चुकी है, जिसका निर्माण लगभग पूरी तरह कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधियों के माध्यम से किया गया है।
एक अनूठा मॉडल: एंडॉवमेंट के माध्यम से शिक्षा का निर्माण
FUEL की कार्यप्रणाली का सबसे विशिष्ट पहलू उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा मॉडल है, जिसे भारत में अब तक बहुत सीमित स्तर पर अपनाया गया है। इस मॉडल के तहत कॉर्पोरेट संस्थानों और परोपकारी व्यक्तियों को अल्पकालिक परियोजनाओं के बजाय विश्वविद्यालय के संपूर्ण शैक्षणिक स्कूलों को एंडॉव (स्थायी वित्तीय सहयोग) करने और उन्हें अपना नाम देने का अवसर प्रदान किया जाता है।
इस मॉडल के अंतर्गत FUEL परिसर के प्रत्येक शैक्षणिक स्कूल को किसी कॉर्पोरेट संस्था या परोपकारी व्यक्ति द्वारा अपनाया जा सकता है। इसके बदले उन्हें उस स्कूल के नामकरण का अधिकार तथा उसके दीर्घकालिक विकास और परिणामों में भागीदारी प्राप्त होती है। यह मॉडल पारंपरिक और अल्पकालिक CSR व्यय को स्थायी शैक्षणिक अवसंरचना में परिवर्तित करता है, जिससे ऐसे संसाधनों का निर्माण होता है जो व्यक्तिगत अनुदान अवधि से कहीं अधिक समय तक प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों, किसानों एवं सैनिकों के बच्चों, महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों की सेवा करते रहते हैं।
डॉ. केतन देशपांडे, संस्थापक एवं अध्यक्ष, FUEL ने कहा,
"यह सम्मान FUEL द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में विकसित किए गए एक अनूठे मॉडल की सफलता का प्रमाण है। यह ऐसा मॉडल है जो एंडॉवमेंट पर आधारित है, जहाँ कॉर्पोरेट संस्थान विश्वविद्यालय के संपूर्ण शैक्षणिक स्कूलों को अपनाते हैं और उन्हें अपना नाम देते हैं। यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि CSR केवल हस्तक्षेप तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायी संस्थानों के निर्माण का भी माध्यम बन सकता है।"
व्यापक प्रभाव
लगभग दो दशकों में FUEL ने उल्लेखनीय सामाजिक प्रभाव स्थापित किया है:
90 से अधिक कॉर्पोरेट भागीदारों के सहयोग से ₹248 करोड़ से अधिक CSR फंडिंग जुटाई, जिसमें 36% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई।
12.52 लाख से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई, जिनमें 9 लाख से अधिक विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन तथा 2.93 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
₹5 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 2,907 से अधिक छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गईं।
वर्तमान में 300 से अधिक स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
18 राज्यों में सक्रिय उपस्थिति, विशेष रूप से ग्रामीण एवं आकांक्षी जिलों पर केंद्रित।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज सोशल स्टॉक एक्सचेंज (NSESSENPO0067) में सूचीबद्ध तथा सार्वजनिक रूप से NSE पर सूचीबद्ध भारत का पहला सोशल स्टॉक एक्सचेंज संगठन होने का गौरव प्राप्त।
FUEL अपने लाभार्थियों का चयन एक पारदर्शी एवं ऑडिटेड छह-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से करता है, जिसमें अभिरुचि परीक्षण (Aptitude Test), प्रारंभिक स्क्रीनिंग, साक्षात्कार, दस्तावेज़ सत्यापन तथा गृह भ्रमण (Home Visit) शामिल हैं।
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