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एसटी एक्ट के मामले में भाजपा नेता काली यादव गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में

✍️ Admin | ⏱️ 27 Jun 2026, 04:05 PM
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सदर थाना पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्त एवं भाजपा के मीडिया प्रभारी काली यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त नगवां मुहल्ला का निवासी बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता के पुत्र मुकेश कुमार भोगता द्वारा 1 नवंबर 2024 को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि काली यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके तथा उनके पिता के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। इस आधार पर सदर थाना कांड संख्या 338/24 के तहत एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद से अभियुक्त फरार चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए छापेमारी अभियान में उसे उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। छापेमारी दल में एससी-एसटी थाना प्रभारी प्रवेश कुमार सहित पुलिस बल के अन्य जवान शामिल थे।

इधर, गिरफ्तारी के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कई लोगों का कहना है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए इस कानून का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।

सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले का राजनीतिक असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है और मतदाता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे। हालांकि, यह प्रतिक्रियाएं विभिन्न व्यक्तियों और समर्थकों की राय हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में किसी सक्षम प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी की गई है।

फिलहाल मामला न्यायालय के विचाराधीन है। ऐसे में आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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दिनांक: 27 Jun 2026

एसटी एक्ट के मामले में भाजपा नेता काली यादव गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में

दर थाना पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्त एवं भाजपा के मीडिया प्रभारी काली यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त नगवां मुहल्ला का निवासी बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता के पुत्र मुकेश कुमार भोगता द्वारा 1 नवंबर 2024 को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि काली यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके तथा उनके पिता के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। इस आधार पर सदर थाना कांड संख्या 338/24 के तहत एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद से अभियुक्त फरार चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए छापेमारी अभियान में उसे उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। छापेमारी दल में एससी-एसटी थाना प्रभारी प्रवेश कुमार सहित पुलिस बल के अन्य जवान शामिल थे।

इधर, गिरफ्तारी के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कई लोगों का कहना है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए इस कानून का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।

सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले का राजनीतिक असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है और मतदाता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे। हालांकि, यह प्रतिक्रियाएं विभिन्न व्यक्तियों और समर्थकों की राय हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में किसी सक्षम प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी की गई है।

फिलहाल मामला न्यायालय के विचाराधीन है। ऐसे में आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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